डॉ विजय बहादुर सिंह (संस्थापक)
यह सत्य है कि जीवन का स्वास्थ से बहुत बड़ा सरोकार है |यदि स्वास्थ खराब हो तो जीने का भरपूर आनंद नहीं लिया जा सकता |परन्तु यह भी सत्य है कि आज के प्रदुषण भरे माहौल में न हमारा वातावरण बल्कि हमारा खानपान व् रहन सहन भी प्रदूषित हो गया है | जिसका सीधा असर हमारे स्वास्थ पर पड़ा है | आरोग्य सहज प्राप्त और अनारोग्य दुश प्राप्त ऐसी स्थिति दरअसल होना चाहिए मगर लोगो की हालत इससे उलटी देखने को मिलती है | आज अधिकतर लोग अपने स्वास्थ के लीयते हजारो से लाखो रूपये फुक देते है ,लेकिन फिर भी अस्वस्थ रहते है |इसके लिए संतुलित आहार एवं अन्य स्वास्थ सम्बंधित जानकारियों का होना जरुरी है |ऐसा पाठ्यक्रम हो जिसमें स्वास्थ के साथ करियर भी हो | आज सभी लोग अनुभव कर रहे है कि तथा कथित आधुनिक (एलोपैथ )चिकित्सा पद्धति से रोग दूर नहीं होते बल्कि अधिकतर इन दवाईयों के दुष्परिणाम से धीरे धीरे रोग और दस रोग पैदा हो जाते है ,और जब रोगी किसी प्राकृतिक चिकित्सालय के प्राकृतिक चिकित्सक के सलाह से प्राकृतिक चिकित्सा –योग के साथ –साथ भोजन में संयम अपनाता है तो वह स्वास्थ का अनुभव करने लगता है | इसलिए हमने सन 2007 में निर्णय लिया कि प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व को जन जन तक पहुचाने के लिए केन्द्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद् से अनुदान प्राप्त अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद् द्वारा संचालित तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्से का मान्यता लिए जिसका कोर्स अध्ययन करके जो सफलता प्राप्त करते है ऐसे चिकित्सक अपना निजी चिकित्सा कार्य कर सकते है या प्राइवेट व सरकार में सेवाए प्रदान कर सकते है व चिकित्सक के रूप में रजिस्ट्रेशन करा सकते है|नोट –प्राकृतिक योग चिकित्सा आयुष मंत्रालय भारत सरकार के अधीन है
नोट –हमारे यहाँ डी.एन.वाई.एस के अलावा नेशनल ओपन इंस्टिट्यूट अंतर्गत भारत सरकार द्वारा संचालित सामुदायिक स्वास्थ चिकित्सा (community health workor ) एक वर्षीय पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है ,इस पाठ्यक्रम को करने के बाद आपको स्वयं एवं सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में सेवा करने का अवसर प्राप्त होगा |
